बल क्या है – what is force in Hindi

बल किसी वस्तु पर लगने वाला वह कारक है जिसके कारण उस वस्तु की भौतिक अवस्था में परिवर्तन हो जाता है। सरल भाषा में बल की परिभाषा समझें तो बल (Force) किसी वस्तु पर लगने वाली वह परस्पर क्रिया (interaction) है जिसके कारण वस्तु की प्रारंभिक अवस्था परिवर्तित हो जाती है। आइये विस्तार से जानते है कि बल क्या है (what is force) और बल का परिवर्तन (force conversion) कैसे होता है 

बल का विमाय सूत्र [M L T-2]  होता है और बल एक सदिश राशि है।

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बल की परिभाषा न्यूटन के किस नियम से मिलती है – which law of Newton gives the definition of force in Hindi

बल की परिभाषा हमें न्यूटन के गति के प्रथम नियम से मिलती है, न्यूटन के गति के प्रथम नियम के अनुसार “यदि कोई वस्तु गतिज अवस्था या स्थिर अवस्था में है तो वह उसी अवस्था में रहेगी जब तक उस वस्तु पर बाह्य बल ना लगाया जाएं।” यदि कोई वस्तु किसी दिशा में जा रही है तो उसे पर बल लगा कर उसे रोका जा सकता है और बल लगाकर उसकी गति को और अधिक बढ़ाया जा सकता है। अर्थात किसी वस्तु की भौतिक अवस्था में परिवर्तन करने के लिए बल की आवश्यकता होती है।

बल का मात्रक क्या है – what is the unit of force in Hindi

किसी भी वस्तु को मापने के लिए एक मात्रक की आवश्यकता होती है। उसी प्रकार बल को मापने के लिए भी कुछ मात्रक बनाए गए है जो की निम्न है-

बल का SI मात्रक क्या है –  What is the SI unit of force in Hindi

बल का एस. आई. (S.I.) मात्रक “न्यूटन (Newton)” होता है। जैसा की हमने ऊपर जाना की बल की परिभाषा हमें न्यूटन के गति के प्रथम नियम से मिलती है, इसलिए बल की SI इकाई का नाम भी उन्हीं के नाम पर रखा गया है। बल को इकाई को दर्शाने के लिए N का प्रयोग किया जाता है। अर्थात हम कह सकते है की SI यूनिट ऑफ़ फ़ोर्स न्यूटन है।

बल का CGS मात्रक क्या है – CGS unit of force in Hindi

बल को मापने की एक इकाई CGS भी होती है। CGS पद्धति में बल का मात्रक डाइन (Dyne) होता है। बल को डाइन में दर्शाने के लिए d का प्रयोग किया जाता है। जहाँ 1 न्यूटन = 10^5 डाइन होता है।

बल के प्रभाव – Effects of force in Hindi

किसी वस्तु पर लगने वाला बल जिसकी वजह से उस वस्तु का आकार या स्थिति में परिवर्तन हो जाता है वह बल का प्रभाव कहलाता है। बल के प्रभाव कर कारण वस्तु हिलने-डुलने लगती है। बल के प्रभाव से स्थाई वस्तु को गति दी जा सकती है

बल की इकाई का रूपांतरण – force unit conversion in Hindi

बल की इकाई को परिवर्तन करने के लिए कई ऑनलाइन कैलकुलेटर उपलब्ध है, जिनसे आप आसानी से बल की इकाई को परिवर्तित कर सकते हैं। यहाँ बल की इकाई को कुछ प्रमुख रूपों परिवर्तन दिया जा रहा है। बल के मात्रक न्यूटन को (N) से दर्शाया जाता है।

  • 1 किलोन्यूटन (kN) = 1000 न्यूटन (N)
  • 1 ग्राम-बल (gf) = 0.00980665 न्यूटन (N) 
  • 1 किलोग्राम-बल (kgf) = 9.80665 न्यूटन (N)
  • 1 टन बल (मीट्रिक) (tf) = 9806.65 न्यूटन (N)
  • 1 एक्सान्यूटन (EN) = 1.0E + 18 न्यूटन (N) 
  • 1 पेटान्यूटन (PT) = 1.0 ई + 15 न्यूटन (N)

गतिशील वस्तु को रोका जा सकता है, वस्तु के रूप को बदला जा सकता हैं।

बल के प्रकार – Type of force in Hindi

बल के मुख्य रूप से दो प्रकार होते है संपर्क बल और असम्पर्क बल। इन दोनों बल को कई प्रकार में विभाजित किया गया है, अलग-अलग जगह पर अलग-अलग बल कार्य करता है। आइये बल के इन प्रकारों को विस्तार से जानते हैं। 

संपर्क बल किसे कहते हैं – What is contact force in Hindi

किसी भी बल जिसमे संपर्क की आवश्यकता होती है उसे संपर्क बल कहा जाता है। संपर्क बल सर्वव्यापी (ubiquitous) हैं। जैसे की पेशीय बल और घर्षण बल में भी संपर्क बल होता है बिना संपर्क बल के पेशीय बल या घर्षण बल कार्य नहीं कर सकता है।

उदाहरण (Example) – गाड़ी को धक्का देना और साइकिल का ब्रेक लगना आदि।

असम्पर्क बल किसे कहते है – What is Non-contact force in Hindi

असम्पर्क बल संपर्क बल के विपरीत होता है । असम्पर्क बल वह बल है जो भौतिक रूप से किसी वस्तु के संपर्क में आए बिना उस वस्तु पर कार्य करता है।

उदाहरण (Example) – असम्पर्क बल का सबसे परिचित उदाहरण गुरुत्वाकर्षण है जो वजन को नियंत्रित करता है।

गुरुत्वाकर्षण बल – Gravitational force in Hindi

किसी पिंड के द्वारा किसी वस्तु के द्रव्यमान पर लगने वाले आकर्षण बल को गुरुत्वाकर्षण बल कहलाता है। दो द्रव्यमान वाली वस्तुओं के बीच लगने वाले आकर्षण बल जिसके कारण वह एक दूसरे को खींचने की कोशिश करती हैं, उसको गुरुत्वाकर्षण बल कहा जाता है। पृथ्वी पर पाया जाने वाला गुरुत्वाकर्षण सभी भौतिक वस्तुओं को एक वजन देता है। पूरे ब्रह्मांड में हर दूसरी वस्तु पर गुरुत्वाकर्षण बल लगता है। 

उदाहरण (Example) – गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पृथ्वी सूर्य के चक्कर लगाती है और चंद्रमा भी पृथ्वी की परिक्रमा गुरुत्वाकर्षण बल के कारण करता है।

घर्षण बल किसे कहते हैं – What is Friction force in Hindi

किन्ही दो वस्तुओं की परतों के मध्य लगने वाला बल जो की उन वस्तुओं की गति के विपरीत कार्य करता है घर्षण बल कहलाता है। घर्षण बल वस्तुओं की सतह पर लगता है और उनको फिसल ने से रोकता है।

उदाहरण (Example) – साइकिल का ब्रेक लगना घर्षण बल है। घर्षण बल के कारण ही हम रोड पर चलते है। गेंद आदि गोल वस्तुओं पर घर्षण बल कम लगता है।

चुंबकीय बल किसे कहते हैं – What is magnetic force in Hindi

एक चुंबक द्वारा किसी चुम्बकीय धातु या अन्य चुंबक पर लगने वाला बल जो की उसे आकर्षित करता और अपनी ओर खींचता है उस बल की चुंबकीय बल कहा जाता है। इसके अन्य प्रकार स्थाई चुंबक, अस्थाई चुंबक और विद्युत चुंबक है।

उदाहरण (Example) – एक चुंबक से लौहे की वस्तु का चिपकाना।

पेशीय बल किसे कहते हैं – what is muscular force in Hindi 

हमारे शरीर की मांसपेशियों और शरीर के कुछ हिस्सों जैसे कि हाथ या पैर का उपयोग करके लगाया जाने वाले बल को पेशीय बल (muscular force) कहा जाता है।

उदाहरण (Example) – बाल्टी को उठाना, गाड़ी को धक्का देना और जिम आदि में भी पेशीय बल का प्रयोग किया जाता हैं। अर्थात हम जो भी कार्य करते है उन सभी में पेशीय बल का प्रयोग किया जाता है।

विद्युत चुंबकीय बल किसे कहते हैं – What is electromagnetic force in Hindi

विद्युत बल के सभी आवेशित कणों के बीच (चाहे वे गति कर रहे हों या नहीं) कार्य करने वाले बल को विद्युत चुम्बकीय बल कहा जाता है। जब चुंबकीय बल गतिमान आवेशित कणों के बीच कार्य करता है तब उसे विद्युत चुम्बकीय बल (Electromagnetism) कहा जाता है।

उदाहरण (Example) –  विद्युत चुम्बकीय बल का सबसे अच्छा उदाहरण प्रकाश है। सभी प्रकाश गामा किरणों से विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र में तरंगें हैं।

उत्प्लावन बल किसे कहते हैं – What is Buoyancy force in Hindi

किसी द्रव के अंदर लगने वाला बल जो उस वस्तु को ऊपर को ऊपर की ओर ले जाने पर कार्य करता है उत्प्लावन बल कहलाता है। उत्प्लावन बल, एक तरल पदार्थ द्वारा उत्सर्जित एक ऊपर की ओर लगने वाला बल है जो एक डूबे हुए ऑब्जेक्ट के वजन का विरोध करता है।

उदाहरण (Example) – किसी वस्तु को धरती पर या पानी के बाहर उठाने पर वह आपको भारी लगती है पर वही वस्तु पानी में हल्की हो जाती है और उसे उत्प्लावन बल के कारण उठाना आसान हो जाता है। 

लॉरेंज बल किसे कहते हैं  – What is Lorentz force in Hindi

लॉरेंज बल विद्युत चुम्बकीय क्षेत्रों के कारण एक बिंदु आवेश पर विद्युत और चुंबकीय बल का संयोजन है।

ससंजक बल क्या है – Cohesive force in Hindi

किसी भी पदार्थ के समान अणुओं  के बीच लगने वाले बल को ससंजक बल कहा जाता है।

आसंजक बल क्या है – Adhesive force in Hindi

किसी भी पदार्थ के असमान या भिन्न भिन्न अणुओं के बीच लगने वाले बल को ससंजक बल कहा जाता है।

संतुलित बल किसे कहते है – Balanced force in Hindi

यदि किसी वस्तु के दोनों दिशाओं पर लगने वाले बल का मान समान हो उसका परिणामी बल शून्य हो तो वहां संतुलित बल होता है। यह बल वस्तु पर विपरीत दिशाओं में और बराबर आकार में होता हैं।

असंतुलित बल किसे कहते है – Unbalanced force in Hindi

असंतुलित बल संतुलित बल के विपरीत होता है। यदि किसी वस्तु के दोनों दिशाओं पर लगने वाले बल का मान भिन्न-भिन्न हो तो वहां संतुलित बल होता है। असंतुलित बल के कारण वस्तु का गति और दिशा में परिवर्तन हो जाता है।

 

ऊपर दिए गए गए बल के अलावा अन्य बल परिणामी बल और अंतर आणविक बल भी होते है।

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